#poem-1 और धीरे धीरे तुम मेरी हर कहानी का हिस्सा बनने लगे हो, बेरंग से मेरे दिन में खूबसूरती का रंग भर दे उस शाम के सूरज सा तुम ढलने लगे हो, अब तो मुझे रातों में चांद भी खूबसूरत सा लगता है सच बताओ ये चांद ही है या तुम चांद बन कर आसमां में निकलने लगे हो….

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